कटती है ....आरज़ू के.... सहारे....पे..... ज़िंदगी
कैसे कहूँ.... किसी की... तमन्ना...." न " .....चाहिए.....
Kat-ti hai....Aarzoo ke....sahaare...pe...zindagi,
kaise kahoon....kisi ki....tamanna.."Na"...chahiye....
शाद आरफ़ी
Photo Credit: Alyssa Monks
कटती है ....आरज़ू के.... सहारे....पे..... ज़िंदगी
देखकर मुझको.....रुके ...रुककर ...चले...चलकर.... रुके
एक छोटे से ब्रेक के बाद हम पुनः हाजिर होते हैं कहीं भी मत जाइयेगा..... इस ब्रेक के बाद हम बतलायेंगे आपको एक ऐसे कुएं के बारे में जिसका पानी पीते ही आदमी हिंसक हो जाता है.......
Yahi gar zid tumhaari hai,
Chalo hum bhool jaate hain,Suno...
Abhi tum ishq mat karna