"आफ़रीन आफ़रीन" (Afreen Afreen) संगीत की दुनिया का एक ऐसा अनमोल रत्न है जिसे दो अलग-अलग दौर में, दो अलग अंदाज़ में बेहद पसंद किया गया। मूल रूप से यह महान कव्वाल नुसरत फतेह अली खान की रचना है।
यहाँ इस गीत के दोनों लोकप्रिय वर्ज़न्स की जानकारी दी गई है:
1. मूल वर्ज़न (1996)
गायक: नुसरत फतेह अली खान
गीतकार: जावेद अख्तर
संगीत: नुसरत फतेह अली खान
वीडियो: इसमें लीसा रे (Lisa Ray) नज़र आई थीं, और यह म्यूजिक वीडियो उस समय बहुत बड़ा हिट हुआ था।
खासियत: यह नुसरत साहब के सबसे लोकप्रिय गैर-फिल्मी गीतों में से एक है। इसमें उन्होंने पारंपरिक कव्वाली और पॉप संगीत का बेहतरीन मेल पेश किया था।
2. कोक स्टूडियो वर्ज़न (Coke Studio Season 9 - 2016)
गायक: राहत फतेह अली खान और मोमिना मुस्तेहसन
खासियत: इस वर्ज़न ने इंटरनेट पर धूम मचा दी थी। मोमिना मुस्तेहसन की सुरीली आवाज़ और राहत साहब की गायकी ने इसे नई पीढ़ी का पसंदीदा गाना बना दिया।
लोकप्रियता: यह यूट्यूब पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले दक्षिण एशियाई गानों में से एक है।
गीत के बोल और अर्थ
"आफ़रीन" (Afreen) एक फारसी शब्द है जिसका अर्थ होता है "प्रशंसा करना" या "वाह-वाह करना"। यह गीत किसी की सुंदरता की तारीफ में लिखा गया है।
"ऐसा देखा नहीं खूबसूरत कोई जिस्म जैसे अजंता की मूरत कोई जिस्म जैसे निगाहों की जादुगरी जिस्म जैसे महकती हुई चांदनी..."
रोचक तथ्य
जावेद अख्तर ने इस गीत के माध्यम से सुंदरता को शब्दों में जिस तरह पिरोया है, उसे उर्दू शायरी का एक बेहतरीन उदाहरण माना जाता है।
नुसरत फतेह अली खान की आवाज़ का जादुई आलाप आज भी संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
(This video is posted by channel – {Saregama Karaoke}
on YouTube, and Raree India has no direct claims to this video. This video is
added to this post for knowledge purposes only.)
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