Wednesday, April 11, 2012

RABBI - Bulla Ki Jaana

  



"बुल्ला की जाणा मैं कौण" (Bulla Ki Jaana Maen Kaun) केवल एक गाना नहीं, बल्कि एक रूहानी अनुभव है जिसने 2004-05 के दौरान भारतीय संगीत जगत में क्रांति ला दी थी। रब्बी शेरगिल (Rabbi Shergill) की आवाज़ और गिटार की धुनों ने सूफी संगीत को एक नया और आधुनिक रूप दिया।

यहाँ इस प्रतिष्ठित गीत के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है:

गीत का विवरण

  • गायक और संगीतकार: रब्बी शेरगिल (Rabbi Shergill)

  • गीतकार: बाबा बुल्ले शाह (Baba Bulleh Shah) - 18वीं सदी के महान सूफी संत।

  • एल्बम: रब्बी (Rabbi - 2004)

  • शैली (Genre): सूफी-रॉक (Sufi Rock)


इस गीत की खास बातें

  1. बुल्ले शाह की कविता: इस गीत के बोल बाबा बुल्ले शाह की एक प्रसिद्ध 'काफी' (कविता) पर आधारित हैं। इसमें इंसान की अपनी पहचान की तलाश और ईश्वर के प्रति समर्पण को दर्शाया गया है। यह कहता है कि मैं न मंदिर में हूँ, न मस्जिद में, और न ही किसी रस्म-ओ-रिवाज़ में।

  2. सूफी-रॉक का जन्म: रब्बी शेरगिल ने पारंपरिक सूफी कलाम को इलेक्ट्रिक गिटार और रॉक बीट्स के साथ मिलाकर एक नई शैली तैयार की, जिसे युवाओं ने बहुत पसंद किया।

  3. सादगी भरा वीडियो: इस गाने का म्यूजिक वीडियो भी बहुत सादा था, जिसमें रब्बी को दिल्ली की सड़कों पर गिटार बजाते हुए दिखाया गया था। इसने गाने की सच्चाई (authenticity) को और बढ़ा दिया।

गीत के बोल (मुख्य अंश)

"ना मैं मोमिन विच मसीतां, ना मैं विच कुफर दीयां रीतां ना मैं पाकां विच पलीती, ना मैं मूसा ना फिरौन बुल्ला की जाणा मैं कौण..."


गीत का गहरा अर्थ

इस गाने का सार यह है कि मनुष्य खुद को धर्म, जाति, स्थान या नाम की सीमाओं में बांधता है, जबकि उसकी असली पहचान इन सबसे परे है। यह अस्तित्ववाद (Existentialism) और आध्यात्मिकता का एक अनूठा संगम है।


(This video is posted by channel – {Rabbi Shergill} on YouTube, and Raree India has no direct claims to this video. This video is added to this post for knowledge purposes only.)

1 comment:

  1. Anonymous4/11/2012

    Nice Rabbi song...ek aur song hai iska something saanu...

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