Sunday, September 02, 2012

O Sajanaa Barakhaa - Sadhana - Vasant Choudhary - Parakh Songs - Lata Mangeshkar





"ओ सजना बरखा बहार आई" भारतीय सिनेमा का एक ऐसा मास्टरपीस है, जिसे आज भी बारिश के बेहतरीन गीतों में सबसे ऊपर रखा जाता है। बिमल रॉय की फिल्म 'परख' (1960) का यह गाना अपनी सादगी और सुरीलेपन के लिए दुनिया भर में मशहूर है।

यहाँ इस गीत से जुड़ी कुछ विशेष और रोचक जानकारियाँ दी गई हैं:

गीत का मुख्य विवरण

  • गायिका: लता मंगेशकर

  • संगीतकार: सलिल चौधरी (Salil Chowdhury)

  • गीतकार: शैलेन्द्र

  • कलाकार: साधना (Sadhana) और वसंत चौधरी


इस गीत की खास बातें

  1. बंगाली मूल (Bengali Origin): यह गाना पहले एक बंगाली गैर-फिल्मी गीत के रूप में रिकॉर्ड किया गया था, जिसके बोल थे "ना जेओ ना" (Na Jeo Na)। सलिल दा ने ही इसकी मूल धुन तैयार की थी, जिसे बाद में उन्होंने 'परख' के लिए हिंदी में ढाल दिया।

  2. संगीत की विशेषता: सलिल चौधरी ने इस गाने में सितार का बहुत ही अनोखा और सुंदर उपयोग किया है। गाने की शुरुआत में सितार की जो धुन बजती है, वह गिरती हुई बारिश की बूंदों का एहसास दिलाती है।

  3. न्यूनतम साज़ (Minimal Instruments): इस गाने में बहुत ज़्यादा वाद्य यंत्रों का उपयोग नहीं किया गया है, ताकि लता जी की आवाज़ की कोमलता और मधुरता पूरी तरह उभर कर आए।

  4. साधना का अभिनय: यह अभिनेत्री साधना की शुरुआती फिल्मों में से एक थी। उनकी मासूमियत और सादगी ने इस गाने को विज़ुअली भी अमर बना दिया।

  5. कहानी का हिस्सा: फिल्म में साधना एक पोस्टमास्टर की बेटी का किरदार निभा रही हैं और वह बारिश के बीच अपने प्रेमी (जो एक स्कूल मास्टर है) को याद करते हुए यह गीत गाती हैं।

गीत के बोल (मुख्य अंश)

"ओ सजना, बरखा बहार आई रस की फुहार लाई, अखियों में प्यार लाई..."

सलिल चौधरी का जादुई संगीत

सलिल दा को "द लेजेंडरी कंपोजर" कहा जाता था क्योंकि वे वेस्टर्न क्लासिकल और इंडियन फोल्क को मिलाना जानते थे।

  • इस गाने में उन्होंने 'सितार' का जो इस्तेमाल किया है, वह संगीत की दुनिया में एक मिसाल है। सितार की हर तान बारिश की एक बूंद की तरह महसूस होती है।

  • उन्होंने इस गाने में 'पॉलिफोनी' (Polyphony) तकनीक का इस्तेमाल किया था, जो उस समय के भारतीय संगीत में बहुत कम देखी जाती थी।

3. फिल्म 'परख' के अन्य बेहतरीन गीत

अगर आपको "ओ सजना" पसंद है, तो आपको इस फिल्म के ये गाने भी जरूर सुनने चाहिए:

  • "मिला है किसी का झुमका" - लता मंगेशकर (एक बहुत ही चुलबुला गाना)

  • "मेरे मन के दिए" - लता मंगेशकर (एक बहुत ही शांत और गहरा गाना)


फिल्म 'परख' के बारे में एक छोटी सी बात:

यह फिल्म एक सामाजिक व्यंग्य (Social Satire) थी, जिसे महान निर्देशक बिमल रॉय ने बनाया था। फिल्म यह परखती है कि लालच के सामने इंसान की ईमानदारी कितनी टिक पाती है। 

(This video is posted by channel – {GTlove1} on YouTube, and Raree India has no direct claims to this video. This video is added to this post for knowledge purposes only.)

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