मिल जाएँ
खुशियाँ
मुट्ठी भर
तो
बीज बनाकर
छींट दूं उन्हें,
आँगन में !!
बारिश होगी,
अंकुर फूटेंगे
कलियाँ चटकेंगी,
रंग बिखरेंगे,
लहलहाएगी फसल…
भर जायेगा
ज़िंदगी का घर
खुशियों से !
(Manju Mishra)
Film 'Bazaar' (1982) ka ye gaana "Karoge Yaad Toh Har Baat Yaad Aayegi" ek bahut hi gehri aur dard bhari ghazal hai. Ise Bhupinder Singh ne apni makhsoos bhari awaaz mein gaaya hai, jo seedhe dil mein utar jaati hai.
Ye raha is gaane ka poora vivaran:
Gaayak (Singer): Bhupinder Singh
Sangeetkar (Music): Khayyam
Geetkar (Lyrics): Bashar Nawaz
Film: Bazaar (1982)
Main Cast: Naseeruddin Shah, Smita Patil, Farooq Shaikh, Supriya Pathak
Bhupinder Singh ki Awaaz: Bhupinder Singh ki awaaz mein jo thairav aur dard hai, wo is ghazal ko ek alag mukam par le jaata hai.
Khayyam ka Sangeet: Khayyam sahab ne bahut hi kam saazon (instruments) ke saath iski dhun banayi hai, taaki shayari ki gehrai mehsoos ho sake.
Naseeruddin aur Smita Patil: Gaane ke dauran Naseeruddin Shah aur Smita Patil ke chehre ke bhaav (expressions) unke beech ke ansuljhe rishte aur khamosh dard ko bayaan karte hain.
Shayari: "Karoge yaad toh har baat yaad aayegi..." - Ye line apne aap mein ek poori kahani hai, jo purani yaadon aur beete huye waqt ki yaad dilati hai.
"Karoge yaad toh har baat yaad aayegi Guzarte waqt ki har mauj thehar jayegi..."
(This video is posted by channel – {Shemaroo Filmi Gaane}
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Film 'Bazaar' (1982) ka ye gaana "Dekh Lo Aaj Humko Ji Bhar Ke" dard aur ehsaas se bhari hui ek bahut hi khoobsurat ghazal hai. Ise Jagjit Kaur (Khayyam sahab ki patni) ne apni bahut hi ranhani aur gehri awaaz mein gaya hai.
Is gaane ki kuch khaas baatein:
Gayika (Singer): Jagjit Kaur
Sangeetkar (Music): Khayyam
Geetkar (Lyrics): Mirza Shauq (Mirza Shauq Lakhnavi)
Film: Bazaar (1982)
Kalakaar: Farooq Sheikh aur Supriya Pathak
Gham aur Judayi ka Ehsaas: Ye gaana film ke sabse emotional mod par aata hai. Farooq Sheikh aur Supriya Pathak ke beech ki bebasi aur judayi ko ye gaana bahut hi gehrai se bayaan karta hai.
Jagjit Kaur ki Awaaz: Jagjit Kaur ne is ghazal ko jis tarah se nabaaya hai, wo unke singing career ke sabse behtareen kamo mein se ek hai. Unki awaaz mein jo thairav hai, wo Khayyam sahab ke sangeet ke saath milkar ek alag hi mahaul banata hai.
Classic Lyrics: Iske bol Mirza Shauq ki shayari se liye gaye hain, jo 19th century ke ek mashhoor shayar the. "Dekh lo aaj humko ji bhar ke, koi aata nahi hai phir marke" - ye line zindagi ki sacchai aur judayi ke dard ko dikhati hai.
"Dekh lo aaj humko ji bhar ke Koi aata nahi hai phir marke Ab kahan hum kahan ye mehfil-e-yaar..."
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फिल्म 'बाज़ार' (1982) का यह गीत "दिखाई दिए यूँ कि बेख़ुद किया" न केवल एक गाना है, बल्कि एक मुकम्मल एहसास है। इसे लता मंगेशकर ने अपनी सबसे रेशमी आवाज़ में गाया है और संगीतकार खय्याम ने इसे एक अमर रचना बना दिया है।
यहाँ इस गीत की मुख्य जानकारी दी गई है:
गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: खय्याम
गीतकार: मीर तक़ी मीर (उनकी अमर गज़ल से लिया गया)
फिल्म: बाज़ार (1982)
कलाकार: फारूक शेख, सुप्रिया पाठक, स्मिता पाटिल और नसीरुद्दीन शाह
मीर तक़ी मीर की गज़ल: इस गीत के बोल 18वीं सदी के महान उर्दू शायर मीर तक़ी मीर की गज़ल से लिए गए हैं। खय्याम साहब ने इन पुराने शब्दों को आधुनिक संगीत में इतनी खूबसूरती से ढाला है कि यह आज भी ताजा लगता है।
संगीत की सादगी: खय्याम साहब ने इस गाने में साज़ों (instruments) का बहुत ही कम लेकिन प्रभावी इस्तेमाल किया है। लता जी की आवाज़ को मुख्य रखा गया है, जो सीधे रूह को छूती है।
अभिनय का जादू: गाने के दौरान सुप्रिया पाठक की मासूमियत और फारूक शेख के साथ उनकी केमिस्ट्री बहुत ही सादगी भरी और सुंदर दिखती है। साथ ही स्मिता पाटिल और नसीरुद्दीन शाह के किरदारों की मौजूदगी कहानी में गहराई जोड़ती है।
"दिखाई दिए यूँ कि बेख़ुद किया हमें आप से भी जुदा कर चले..."
इस फिल्म का पूरा एल्बम ही एक क्लासिक है। खय्याम साहब ने इस फिल्म के लिए उर्दू शायरी के रत्नों को चुना था:
"दिखाई दिए यूँ" (मीर तक़ी मीर)
"देख लो आज हमको" (मिर्ज़ा शौक़)
"फिर छिड़ी रात" (मखदूम मोहिउद्दीन)
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फिल्म 'साथ साथ' (1982) का यह गीत "प्यार मुझसे जो किया तुमने" गज़ल और फिल्मी संगीत का एक बहुत ही सुंदर मिश्रण है। इसे जगजीत सिंह ने अपनी उस जादुई आवाज़ में गाया है जो सीधे दिल की गहराइयों तक पहुँचती है।
यहाँ इस गीत की मुख्य जानकारी दी गई है:
गायक: जगजीत सिंह
संगीतकार: कुलदीप सिंह
गीतकार: जावेद अख्तर
फिल्म: साथ साथ (1982)
कलाकार: फारूक शेख और दीप्ति नवल
कृतज्ञता का भाव: यह गीत एक प्रेमी द्वारा अपनी प्रेमिका के प्रति आभार (gratitude) व्यक्त करने जैसा है। इसके बोल बताते हैं कि साथी के प्यार ने जीवन को कितना आसान और सुंदर बना दिया है।
जावेद अख्तर की गहराई: "प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी, मेरे हालात की आंधी में बिखर जाओगी"—इन पंक्तियों में जावेद साहब ने एक तरफ प्यार की ताकत और दूसरी तरफ जीवन की अनिश्चितताओं को बहुत खूबसूरती से दिखाया है।
यथार्थवादी चित्रण: फिल्म 'साथ साथ' अपने समय की उन चुनिंदा फिल्मों में से थी जो मध्यमवर्गीय जीवन के संघर्षों को बहुत ईमानदारी से दिखाती थी। यह गाना उस संघर्ष के बीच एक सुकून देने वाली ठंडी हवा के झोंके जैसा है।
"प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी मेरे हालात की आंधी में बिखर जाओगी रंज-ओ-ग़म के सिवा कुछ भी नहीं पास मेरे क्या हुआ जो मेरी दुनिया को संवारोगी..."
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फिल्म 'साथ साथ' (1982) का यह गीत "तुमको देखा तो ये ख्याल आया" न केवल एक गाना है, बल्कि हिंदी गज़ल के इतिहास की एक अनमोल धरोहर है। जगजीत सिंह और चित्रा सिंह की आवाज़ में यह गीत आज भी हर पीढ़ी के दिलों पर राज करता है।
यहाँ इस गीत की मुख्य जानकारी दी गई है:
गायक: जगजीत सिंह और चित्रा सिंह
संगीतकार: कुलदीप सिंह (Kuldeep Singh)
गीतकार: जावेद अख्तर
फिल्म: साथ साथ (1982)
कलाकार: फारूक शेख और दीप्ति नवल
जावेद अख्तर की लेखनी: इस गीत के माध्यम से जावेद अख्तर ने आम जीवन की खुशियों और संघर्षों को बहुत ही सरल लेकिन दिल छू लेने वाले शब्दों में पिरोया है। "ज़िन्दगी धूप, तुम घना साया" - यह पंक्ति आज भी बहुत लोकप्रिय है।
जगजीत-चित्रा की जोड़ी: जगजीत सिंह की रेशमी आवाज़ और चित्रा सिंह का साथ इस गज़ल को एक रूहानी अनुभव बना देता है।
फारूक शेख और दीप्ति नवल: इस जोड़ी की सादगी और फिल्म की यथार्थवादी (realistic) कहानी ने इस गाने को दर्शकों के और करीब ला दिया। यह गाना एक मध्यमवर्गीय परिवार के प्रेम और विश्वास को दर्शाता है।
सादगी भरा संगीत: कुलदीप सिंह ने गिटार और बाँसुरी के न्यूनतम इस्तेमाल के साथ एक ऐसी धुन तैयार की जो सुनने वाले के मन में बस जाती है।
"तुमको देखा तो ये ख्याल आया ज़िन्दगी धूप तुम घना साया..."
फिल्म 'साथ साथ' और इसका संगीत उस समय के गज़ल प्रेमियों के लिए एक तोहफा था। इस फिल्म के अन्य गीत जैसे "ये तेरा घर ये मेरा घर" और "प्यार मुझसे जो किया तुमने" भी बहुत बड़े हिट रहे।